Q1.
--- Left column --- \labeleq:3.1 1/2 1 - 1 + 1/2 ) )^2 - 1/2 ∑i=12 1/2 1/2 )^2 3753 Dunde निरमल, धोवल-शिशिर बिन्दु मने झकमकायला,
(a)
--- Left column --- \labeleq:3.1 1/2 1 - 1 + 1/2 ) )^2 - 1/2 ∑i=12 1/2 1/2 )^2 3753 Dunde निरमल, धोवल-शिशिर बिन्दु मने झकमकायला, जइसे तरकी कर मूंजा, बिहान सुरूज कररम्फ से। पुहुप प्रमुदित रस गंध से सराबोर-
(b)
कर्म प्रधान विश्व करि राखा कर अरथ के- बुझले ना गीता कर कर्मयोग मरम के अरे! करम कर दुसमन! करम कर भरोसा में- आइज नइ रहले तोयँ कोनो करम के। ं
(c)
कहिया तक हामरे किताब में पढ़ब स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व कर पाठ आँकड़ा कर उल्लास में कहिया तक भरी हामरे कर पेट, उनके पास के बाद के बाद ऊँचा उठी जीवन स्तर। सामान के बाद पर
Q2.
(a) नागपुरी गीत मन में जनजीवन कर मनोभाव कर अभिव्यक्ति के स्पस्ट करू।
(a)
नागपुरी गीत मन में जनजीवन कर मनोभाव कर अभिव्यक्ति के स्पस्ट करू।
(b)
नागपुरी गीत में प्रकृति चित्रन के सोदाहरन उल्लेख करू। 20 जय गोविन्द मिश्र चाहे कंचन कर काव्य सौस्ठव के उजागर
(c)
з. करूं। अत्य की मेही पानी काफिल का मु
(d)
नागपुरी कर कोनो एगो निर्गुन कवि कर गीत लिख के उकर भाव-भासा कर सुन्दरइ कर बखान करू।
(e)
नागपुरी साहित में घासी राम कर ठाँव निर्धारित करते उनक 4. कृष्ण भक्ति गीत मनक उल्लेख करू।
(f)
शारदा प्रसाद शर्मा चाहे लाल रणविजय नाथ शाहदेव कर \mathcalG\vee_{\mathbfR} काव्य-परिचय देऊ। (Continued) --- Right column ---
(3) σ_{\rmeff} = 0.003 and σ_{\rmeff} = 0.000 and σ_{\rmeff} = 0.000 ATLANT ANGERS नागपुरी कर आधुनिक साहित में केकर जोगदान के रउरे महत्वपूर्न मानिला—तर्कपूर्न उत्तर देऊ। 20 कोनवे एगो महिला नागपुरी भासासेवी कर साहित-साधना कर परिचय देऊ। 20 खंड—आ गे चाइरठो गद्यांस कर सप्रसंग व्याख्या करू— ) घर धुरलयँ तो उनकर हाँथ में बड़का ले कमीज रहे। मुदा मन कर आँइख से देइख लेबे बेटा, तोर आबा रहेला ई गाँव में। बेस से देखबे, ई गाँव कर धूर तोर गतर में कहों नी कहों जरूर लागल होइ। हाम देखली, इकर में एकठो भारी दुर्गुन हय कि आपन छांइह में दूसर के पनपेहें नइ देवे। जिनगी कर दोकान में ढेइर दिन तक हाम जोड़ घटाव करते रइह गेली। कहियो कुछ सार नइ बुझालक। दिन भइर पखन फोरते-फोरते हाँथ टटाय जायला, डाँड़ा टिढ़ुवाय जायला, आँइख कान में छिटकल पखनामन दुइक जायला। जा भइया थेथर ना लागा। जिद ना करा बुचू। सउबे के घुराय ) देवा। ना लागा, आपन राइज के ना उजरावा। 0/80 (Turn Over)
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(a)
नागपुरी गीत मन में जनजीवन कर मनोभाव कर अभिव्यक्ति के स्पस्ट करू।
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(b)
नागपुरी गीत में प्रकृति चित्रन के सोदाहरन उल्लेख करू। 20 जय गोविन्द मिश्र चाहे कंचन कर काव्य सौस्ठव के उजागर
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(c)
з. करूं। अत्य की मेही पानी काफिल का मु
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(d)
नागपुरी कर कोनो एगो निर्गुन कवि कर गीत लिख के उकर भाव-भासा कर सुन्दरइ कर बखान करू।
Q3.
नागपुरी कर कोनो एगो निर्गुन कवि कर गीत लिख के उकर भाव-भासा कर सुन्दरइ कर बखान करू।
Q4.
नागपुरी साहित में घासी राम कर ठाँव निर्धारित करते उनक कृष्ण भक्ति गीत मनक उल्लेख करू।
Q5.
नागपुरी कर आधुनिक साहित में केकर जोगदान के रउरे महत्वपूर्न मानिला—तर्कपूर्न उत्तर देऊ।
Q6.
कोनो चाइरठो गद्यांस कर सप्रसंग व्याख्या करू—
(a)
घर धुरलयँ तो उनकर हाँथ में बड़का ले कमीज रहे। मुदा मन कर आँइख से देइख लेबे बेटा, तोर आबा रहेला ई गाँव में। बेस से देखबे, ई गाँव कर धूर तोर गतर में कहों नी कहों जरूर लागल होइ।
(b)
हाम देखली, इकर में एकठो भारी दुर्गुन हय कि आपन छांइह में दूसर के पनपेहें नइ देवे। जिनगी कर दोकान में ढेइर दिन तक हाम जोड़ घटाव करते रइह गेली। कहियो कुछ सार नइ बुझालक।
(c)
दिन भइर पखन फोरते-फोरते हाँथ टटाय जायला, डाँड़ा टिढ़ुवाय जायला, आँइख कान में छिटकल पखनामन दुइक जायला।
(d)
जा भइया थेथर ना लागा। जिद ना करा बुचू। सउबे के घुराय देवा। ना लागा, आपन राइज के ना उजरावा।
Q7.
नागपुरी गीत में प्रकृति चित्रन के सोदाहरन उल्लेख करू।
Q8.
(a) एखन तक प्रकाशित कहनी संग्रहमन में 'काँटी' कहनी संग्रह कर ठाँव निर्धारित करू।
(a)
एखन तक प्रकाशित कहनी संग्रहमन में 'काँटी' कहनी संग्रह कर ठाँव निर्धारित करू।
(b)
'परदेसी बेटा' कहनी कर शैलीगत विसेसता के बताऊ।
-
(a)
एखन तक प्रकाशित कहनी संग्रहमन में 'काँटी' कहनी संग्रह कर ठाँव निर्धारित करू।
-
(b)
'परदेसी बेटा' कहनी कर शैलीगत विसेसता के बताऊ।
Q9.
(a) नागपुरी निबन्ध परम्परा कर परिचय देऊ।
(a)
नागपुरी निबन्ध परम्परा कर परिचय देऊ।
(b)
'करम बिहान' चाहे 'बनचोर' एकांकी कर समीक्छा करू।
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(a)
नागपुरी निबन्ध परम्परा कर परिचय देऊ।
-
(b)
'करम बिहान' चाहे 'बनचोर' एकांकी कर समीक्छा करू।
Q10.
(a) ललित निबन्ध का के कहयँना? नागपुरी में एखन तक कय गो शेष तीन प्रश्नों में से कम-से-कम एक प्रश्न का उत्तर निबन्ध संग्रह प्रकाशित होय हे, कोनो एगो कर परिचय देऊ। प्रत्येक खंड से देना अनिवार्य है
(a)
ललित निबन्ध का के कहयँना? नागपुरी में एखन तक कय गो शेष तीन प्रश्नों में से कम-से-कम एक प्रश्न का उत्तर निबन्ध संग्रह प्रकाशित होय हे, कोनो एगो कर परिचय देऊ। प्रत्येक खंड से देना अनिवार्य है
(b)
‘तीहा’ चाहे ‘नेरुआ लोटा उर्फ सांस्कृतिक अवधारना’ निबंध खंड—अ कर समीक्छा करू। साला कर साला
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(a)
ललित निबन्ध का के कहयँना? नागपुरी में एखन तक कय गो शेष तीन प्रश्नों में से कम-से-कम एक प्रश्न का उत्तर निबन्ध संग्रह प्रकाशित होय हे, कोनो एगो कर परिचय देऊ। प्रत्येक खंड से देना अनिवार्य है
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(b)
‘तीहा’ चाहे ‘नेरुआ लोटा उर्फ सांस्कृतिक अवधारना’ निबंध खंड—अ कर समीक्छा करू। साला कर साला