Section A
Q1.
निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए (उत्तर स्वयं की भाषा में लिखिए):
निम्नलिखित की सप्रसंग व्याख्या लगभग 150 शब्दों में कीजिए:
(a) बिरह अगिनि तनु तूल समीरा । स्वास जरइ छन माहिं सरीरा । । नयन स्रवहिं जलू निज हित लागी । जरैं न पाव देह बिरहागी ।
(b)
हा दैव ! अब वे दिन कहाँ हैं और वे रातें कहाँ ? हैं काल की घातें कि कल की आज हैं बातें कहाँ ? क्या थे तथा अब क्या हुए हम, जानता बस काल है;
भगवान् जाने, काल की कैसी निराली चाल है ! ।
(c)
महानृत्य का विषम सम, अरी
अखिल स्पंदनों की तू माप,
तेरी ही विभूति बनती है
सृष्टि सदा होकर अभिशाप ।
(d)
अति-प्रफुल्लित कंटकित तन-मन वही
करता रहा अनुभव कि नभ ने भीविनत हो मान ली है श्रेष्ठता उसकी ! !
(e)
छोटे-छोटे मोती जैसे
उसके शीतल तुहिन कणों को,
मानसरोवर के उन स्वर्णिम
कमलों पर गिरते देखा है ।