UPSC Civil Services Prelims 2021 General Studies Paper II PDF

Central Government Jobs Administrative / Civil Services 2021

  • Year 2021
  • Conducted By UPSC
  • Questions 80
  • Maximum Marks 200
  • Duration 2 Hours
  • Languages Hindi & English

Exam Details

Detail Information
Examination Civil Services (Preliminary) Examination
Year 2021
Conducting Body UPSC
Paper General Studies Paper - II
Subject General Studies
Duration 2 Hours
Maximum Marks 200
Number of Questions 80
Question Type Objective (MCQ)

This is the General Studies Paper II from the UPSC Civil Services (Preliminary) Examination held in 2021. This objective-type paper, conducted by the Union Public Service Commission (UPSC), carries a maximum of 200 marks and is allotted a duration of 2 hours. It comprises 80 questions, each carrying equal marks, and features a penalty for incorrect answers. This paper is crucial for aspirants aiming to qualify for the Civil Services Mains examination, testing their comprehension and analytical skills across various subjects presented in both Hindi and English.

Major Topics Covered

  • Ecology
  • Environment
  • Pollution
  • Botany
  • Zoology
  • Agriculture
  • Biodiversity
  • Conservation

Why This Paper is Important

  • Useful for Civil Services (Preliminary) Examination preparation
  • Helps understand the latest exam pattern
  • Useful for practice and self-assessment
  • Covers frequently asked General Studies topics
  • Helpful for analysing question trends

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Instructions

  • परीक्षा प्रारम्भ होने के तुरन्त बाद, आप इस परीक्षण पुस्तिका की पड़ताल अवश्य कर लें कि इसमें कोई बिना छपा, फटा या छूटा हुआ पृष्ठ अथवा प्रश्नांश, आदि न हो ।
  • यदि ऐसा है, तो इसे सही परीक्षण पुस्तिका से बदल लें ।
  • कृपया ध्यान रखें कि OMR उत्तर-पत्रक में, उचित स्थान पर, रोल नम्बर और परीक्षण पुस्तिका अनुक्रम A, B, C या D को, ध्यान से एवं बिना किसी चूक या विसंगति के भरने और कूटबद्ध करने की ज़िम्मेदारी उम्मीदवार की है।
  • किसी भी प्रकार की चूक/विसंगति की स्थिति में उत्तर-पत्रक निरस्त कर दिया जाएगा।
  • इस परीक्षण पुस्तिका पर साथ में दिए गए कोष्ठक में आपको अपना अनुक्रमांक लिखना है। परीक्षण पुस्तिका पर और कुछ न लिखें।
  • इस परीक्षण पुस्तिका में 80 प्रश्नांश (प्रश्न) दिए गए हैं।
  • प्रत्येक प्रश्नांश हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में छपा है।
  • प्रत्येक प्रश्नांश में चार प्रत्युत्तर (उत्तर) दिए गए हैं ।
  • इनमें से एक प्रत्युत्तर को चुन लें, जिसे आप उत्तर-पत्रक पर अंकित करना चाहते हैं।
  • यदि आपको ऐसा लगे कि एक से अधिक प्रत्युत्तर सही हैं, तो उस प्रत्युत्तर को अंकित करें जो आपको सर्वोत्तम लगे।
  • प्रत्येक प्रश्नांश के लिए केवल एक ही प्रत्युत्तर चुनना है।
  • आपको अपने सभी प्रत्युत्तर अलग से दिए गए उत्तर-पत्रक पर ही अंकित करने हैं । उत्तर-पत्रक में दिए गए निर्देश देखें ।
  • इससे पहले कि आप परीक्षण पुस्तिका के विभिन्न प्रश्नांशों के प्रत्युत्तर उत्तर-पत्रक पर अंकित करना शुरू करें, आपको प्रवेश प्रमाण पत्र के साथ प्रेषित अनुदेशों के अनुसार कुछ विवरण उत्तर पत्रक में देने हैं।
  • आप अपने सभी प्रत्युत्तरों को उत्तर-पत्रक में भरने के बाद तथा परीक्षा के समापन पर केवल उत्तर-पत्रक अधीक्षक को सौंप दें।
  • आपको अपने साथ परीक्षण पुस्तिका ले जाने की अनुमति है।
  • कच्चे काम के लिए पत्रक परीक्षण पुस्तिका के अंत में संलग्न हैं।
  • ग़लत उत्तरों के लिए दंड: उम्मीदवार द्वारा दिए गए ग़लत उत्तरों के लिए दंड दिया जाएगा ।
  • प्रत्येक प्रश्न के लिए चार वैकल्पिक उत्तर हैं।
  • उम्मीदवार द्वारा प्रत्येक प्रश्न के लिए दिए गए एक ग़लत उत्तर के लिए प्रश्न हेतु (i) नियत किए गए अंकों का एक-तिहाई दंड के रूप में काटा जाएगा।
  • यदि कोई उम्मीदवार एक से अधिक उत्तर देता है, तो इसे ग़लत उत्तर माना जाएगा, यद्यपि दिए गए उत्तरों में से एक उत्तर सही (ii) होता है, फिर भी उस प्रश्न के लिए उपर्युक्तानुसार ही, उसी तरह का दंड दिया जाएगा ।
  • (iii) यदि उम्मीदवार द्वारा कोई प्रश्न हल नहीं किया जाता है, अर्थात् उम्मीदवार द्वारा उत्तर नहीं दिया जाता है, तो उस प्रश्न के लिए कोई दंड नहीं दिया जाएगा ।
  • जब तक आपको यह परीक्षण पुस्तिका खोलने को न कहा जाए तब तक न खोलें Note: English version of the instructions is printed on the back cover of this Booklet.

Questions (page 2)

Q1. निर्देश : नीचे दिए गए चार परिच्छेदों को पढ़िए और परिच्छेदों के नीचे आने वाले प्रश्नांशों के उत्तर दीजिए । इन प्रश्नांशों के लिए आपके उत्तर केवल इन परिच्छेदों पर ही आधारित होने चाहिए ।
परिच्छेद - 1
शोधकर्ताओं ने मटर के कीड़ों (पी-ऐफ़िड) और रस चूसने वाले कीड़ों से युक्त कृत्रिम तृण-भूखंडों को रात में स्ट्रीट लाइट के अनुरूप आलोकित किया । इन्हें दो अलग-अलग प्रकार के प्रकाश में रखा गया — नवीनतर वाणिज्यिक LED प्रकाश के सदृश श्वेत प्रकाश और सोडियम स्ट्रीट लैंपों के सदृश एंबर प्रकाश। मटर कुल के जंगली पौधे — जो कि तृणभूमि में मटर के कीड़ों के लिए खाद्य के स्रोत हैं — इन पौधों पर निम्न तीव्रतायुक्त एंबर प्रकाश डालने पर यह देखा गया कि इससे पुष्पण प्रेरित होने की बजाय, बाधित होता है। प्रकाश के प्रभाव के अंतर्गत, सीमित मात्रा में खाद्य उपलब्ध होने के कारण कीड़ों (ऐफ़िड) की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आई ।

  • (a) उच्च तीव्रतायुक्त प्रकाश की तुलना में निम्न तीव्रतायुक्त प्रकाश का पौधों पर अधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
  • (b) प्रकाश प्रदूषण का किसी पारिस्थितिक तंत्र पर स्थायी रूप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
  • (c) पौधों के पुष्पण के लिए अन्य रंगों के प्रकाश की तुलना में श्वेत रंग का प्रकाश बेहतर है ।
  • (d) किसी पारिस्थितिक तंत्र में उपयुक्त तीव्रता का प्रकाश न केवल पौधों के लिए बल्कि प्राणियों के लिए भी महत्त्वपूर्ण है।

Q2. परिच्छेद - 2
सभी पुष्पधारी पौधों की जातियों में से लगभग 80 प्रतिशत में परागण प्राणियों द्वारा होता है, जिसमें पक्षी और स्तनधारी प्राणी शामिल हैं, किंतु कीट मुख्य परागणकारी हैं । परागण हमें पौधों से उत्पन्न कई औषधियों के साथ-साथ विविध प्रकार के खाद्य उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी है । विश्व की कम-से-कम एक-तिहाई कृषि फसलें परागण पर निर्भर हैं । परागण के लिए मक्षिका सर्वाधिक प्रभावी वर्ग हैं और ये चार सौ से भी अधिक फसलों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं । परागण एक ऐसी अनिवार्य व्यवस्था है जो पौधों और प्राणियों के बीच जटिल संबंधों का परिणाम है, और इनमें से किसी की भी कमी या ह्रास होने से दोनों का अस्तित्व प्रभावित होता है । प्रभावी परागण के लिए मूल प्राकृतिक वनस्पति के आश्रय जैसे संसाधनों की आवश्यकता है ।

  • (1) परागणकारी प्राणियों की विविधता के बिना भारत के अनाज खाद्यान्न का संधारणीय उत्पादन संभव नहीं है ।
  • (2) उद्यान फसलों की एकधान्य कृषि, कीटों के अस्तित्व के लिए बाधक है।
  • (3) प्राकृतिक वनस्पति से विहीन कृषि क्षेत्रों में परागणकारियों की अत्यधिक कमी हो जाती है।
  • (4) कीटों में विविधता, पौधों में विविधता लाती है।
  • (a) केवल 1
  • (b) केवल 2, 3 और 4
  • (c) केवल 1 और 2
  • (d) केवल 3 और 4

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Frequently asked questions

What is the name of the exam?

The exam is the Civil Services (Preliminary) Examination.

Which paper is this question set for?

This is for General Studies Paper - II.

What is the conducting body for this exam?

The exam is conducted by the UPSC (Union Public Service Commission).

In which year was this examination held?

The examination was held in 2021.

What is the maximum marks for this paper?

The maximum marks for General Studies Paper - II is 200.

What is the time duration allowed for this paper?

The time allowed for this paper is 2 hours.

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