Q1.
परिच्छेद—1
भारत में, पिछले दशक अथवा उसके आसपास, श्रमिक कृषि से हट रहे हैं, परंतु वे केवल निर्माण तथा गैर-पंजीकृत विनिर्माण जो कि स्पष्टतः बेहतर रोज़गार अवसर नहीं है, जा रहे हैं। सेवाएँ, जहाँ श्रम की प्रवृत्ति अधिक उत्पादनकारी होती है, अतिरिक रोज़गार अवसर उत्पन्न नहीं कर रही हैं जिनकी देश को आवश्यकता है। भारत को अगले दशक में लगभग 24 मिलियन नौकरियों की आवश्यकता होगी। नया सेक्टर, ई-व्यापार, रोज़गार के अंतर को अधिक-से-अधिक आधा ही भर पाएगा। केवल वे सेक्टर, जो घरेलू माँग को बढ़ावा देते हैं, जैसे स्वास्थ्य तथा शिक्षा, शेष आधे भाग को सुगमतापूर्वक भर सकते हैं।
- (a) ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में श्रमिकों का प्रवसन कम करने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
- (b) निर्माण तथा गैर-पंजीकृत विनिर्माण में कार्य करने की स्थितियों में सुधार लाना चाहिए।
- (c) सेवा सेक्टर बेरोज़गारी की समस्या को कम करता रहा है।
- (d) बड़े पैमाने पर रोज़गार उपलब्ध करवाने के लिए सामाजिक क्षेत्र में खर्च का बढ़ना आवश्यक है।