Q1.
परिच्छेद-1
खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार, मानव उपभोग के ति उत्पादित खाद्यान्न के एक-तिहाई की विश्वव्यापी हानि या बब होती है। आरंभिक कृषि उत्पादन से लेकर अंतिम घरेलू उपभ तक की संपूर्ण आपूर्ति शृंखला के दौरान खाद्यान्न की हानि बर्बादी होती है। इस बढ़ती बर्बादी के परिणामस्वरूप लगः 45% तक भूमि-निम्नीकरण (लैंड डिग्रेडेशन) भी हुआ है, जिस मुख्य कारण निर्वनीकरण, असंधारणीय कृषि पद्धतियाँ अ अत्यधिक भूजल निष्कर्षण हैं। बरबाद हुए खाद्यान्न पर व्यय गई ऊर्जा के परिणामस्वरूप प्रतिवर्ष लगभग 3.5 बिलियन र कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है। क्षय के परिणामस्वर वायुमंडल में अन्य गैसों का हानिकारक उत्सर्जन भी होता i खाद्यान्न पर्याप्तता और खाद्यान्न संधारणीयता के चक्र को पूरा क के लिए खाद्यान्न की सभी रूपों में हानि या बर्बादी का समाध करना महत्त्वपूर्ण है।
निम्नलिखित में से कौन-से कथन, सर्वाधिक तर्कसंगत और विवेकपूर्ण निष्कर्षों को सर्वोत्तम रूप से दर्शाते हैं, जिन्हें इस परिच्छेद से प्रतिपादित किया जा सकता है?
(1) खाद्यान्न की हानि और बर्बादी के लिए खाद्यान्न वितरण की चालू पद्धतियाँ पूर्ण रूप से उत्तरदायी हैं।
(2) खाद्यान्न की हानि और बर्बादी की प्रचलित प्रवृत्ति से भूमि की उत्पादकता प्रतिकूल रूप से प्रभावित होती है।