UPSC CSE 2024 General Studies Paper II Question Paper PDF

Central Government Jobs Administrative / Civil Services 2024

  • Year 2024
  • Conducted By UPSC
  • Questions 80
  • Maximum Marks 200
  • Duration Two Hours
  • Languages Hindi & English

Exam Details

Detail Information
Examination Civil Services (Preliminary) Examination
Year 2024
Conducting Body UPSC
Paper General Studies Paper - II
Subject General Studies
Duration Two Hours
Maximum Marks 200
Number of Questions 80
Question Type Mixed

This is the official question paper for the Civil Services (Preliminary) Examination 2024, General Studies Paper - II, conducted by UPSC. The paper consists of 80 objective-type questions carrying a maximum of 200 marks and is to be completed within two hours. It includes instructions in Hindi and English, detailing exam procedures, marking schemes, and negative marking for incorrect answers. Aspirants can download the PDF to practice and understand the exam pattern and difficulty level.

Major Topics Covered

  • General Studies
  • Civil Services
  • UPSC
  • Preliminary Examination

Why This Paper is Important

  • Useful for Civil Services (Preliminary) Examination preparation
  • Helps understand the latest exam pattern
  • Useful for practice and self-assessment
  • Covers frequently asked General Studies topics
  • Helpful for analysing question trends

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Instructions

  • परीक्षा प्रारम्भ होने के तुरन्त बाद आप इस परीक्षण पुस्तिका की पड़ताल अवश्य कर लें कि इसमें कोई बिना छपा, फटा या छूटा हुआ पृष्ठ अथवा प्रश्नांश आदि न हो।
  • यदि ऐसा है, तो इसे सही परीक्षण पुस्तिका से बदल लें।
  • कृपया ध्यान रखें कि OMR उत्तर-पत्रक में उचित स्थान पर रोल नम्बर और परीक्षण पुस्तिका अनुक्रम A, B, C या D को ध्यान से एवं बिना किसी चक या विसंगति के भरने और कटबद्ध करने की जिम्मेदारी उम्मीदवार की है।
  • किसी भी प्रकार की चूक/विसंगति की स्थिति में उत्तर-पत्रक निरस्त कर दिया जाएगा।
  • इस परीक्षण पुस्तिका पर साथ में दिए गए कोष्ठक में आपको अपना अनुक्रमांक लिखना है। परीक्षण पुस्तिका पर और कुछ न लिखें।
  • इस परीक्षण पुस्तिका में 80 प्रश्नांश (प्रश्न) दिए गए हैं।
  • प्रत्येक प्रश्नांश हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में छपा है।
  • प्रत्येक प्रश्नांश में चार प्रत्युत्तर (उत्तर) दिए गए हैं।
  • इनमें से एक प्रत्युत्तर को चुन लें, जिसे आप उत्तर-पत्रक पर अंकित करना चाहते हैं।
  • यदि आपको ऐसा लगे कि एक से अधिक प्रत्युत्तर सही हैं, तो उस प्रत्युत्तर को अंकित करें जो आपको सर्वोत्तम लगे।
  • प्रत्येक प्रश्नांश के लिए केवल एक ही प्रत्युत्तर चुनना है।
  • आपको अपने सभी प्रत्युत्तर अलग से दिए गए उत्तर-पत्रक पर ही अंकित करने हैं। उत्तर-पत्रक में दिए गए निर्देश देखें।
  • इससे पहले कि आप परीक्षण पुस्तिका के विभिन्न प्रश्नांशों के प्रत्युत्तर उत्तर-पत्रक पर अंकित करना शुरू करें, आपको प्रवेश प्रमाण-पत्र के साथ प्रेषित अनुदेशों के अनुसार कुछ विवरण उत्तर-पत्रक में देने हैं।
  • आप अपने सभी प्रत्युत्तरों को उत्तर-पत्रक में भरने के बाद तथा परीक्षा के समापन पर केवल उत्तर-पत्रक अधीक्षक को सौंप दें।
  • आपको अपने साथ परीक्षण पुस्तिका ले जाने की अनुमति है।
  • कच्चे काम के लिए पत्रक, परीक्षण पुस्तिका के अन्त में संलग्न है।
  • गलत उत्तरों के लिए दण्ड: उम्मीदवार द्वारा दिए गए गलत उत्तरों के लिए दण्ड दिया जाएगा।
  • (i) प्रत्येक प्रश्न के लिए चार वैकल्पिक उत्तर हैं।
  • उम्मीदवार द्वारा प्रत्येक प्रश्न के लिए दिए गए एक गलत उत्तर के लिए प्रश्न हेतु नियत किए गए अंकों का एक-तिहाई दण्ड के रूप में काटा जाएगा।
  • (ii) यदि कोई उम्मीदवार एक से अधिक उत्तर देता है, तो इसे गलत उत्तर माना जाएगा, यद्यपि दिए गए उत्तरों में से एक उत्तर सही होता है, फिर भी उस प्रश्न के लिए उपर्युक्तानुसार ही उसी तरह का दण्ड दिया जाएगा।
  • (iii) यदि उम्मीदवार द्वारा कोई प्रश्न हल नहीं किया जाता है अर्थात् उम्मीदवार द्वारा उत्तर नहीं दिया जाता है, तो उस प्रश्न के लिए कोई दण्ड नहीं दिया जाएगा।
  • जब तक आपको यह परीक्षण पुस्तिका खोलने को न कहा जाए तब तक न खोलें Note: English version of the instructions is printed on the back cover of this Booklet.

Questions (page 2)

Q1. परिच्छेद-1

खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार, मानव उपभोग के ति उत्पादित खाद्यान्न के एक-तिहाई की विश्वव्यापी हानि या बब होती है। आरंभिक कृषि उत्पादन से लेकर अंतिम घरेलू उपभ तक की संपूर्ण आपूर्ति शृंखला के दौरान खाद्यान्न की हानि बर्बादी होती है। इस बढ़ती बर्बादी के परिणामस्वरूप लगः 45% तक भूमि-निम्नीकरण (लैंड डिग्रेडेशन) भी हुआ है, जिस मुख्य कारण निर्वनीकरण, असंधारणीय कृषि पद्धतियाँ अ अत्यधिक भूजल निष्कर्षण हैं। बरबाद हुए खाद्यान्न पर व्यय गई ऊर्जा के परिणामस्वरूप प्रतिवर्ष लगभग 3.5 बिलियन र कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है। क्षय के परिणामस्वर वायुमंडल में अन्य गैसों का हानिकारक उत्सर्जन भी होता i खाद्यान्न पर्याप्तता और खाद्यान्न संधारणीयता के चक्र को पूरा क के लिए खाद्यान्न की सभी रूपों में हानि या बर्बादी का समाध करना महत्त्वपूर्ण है।

निम्नलिखित में से कौन-से कथन, सर्वाधिक तर्कसंगत और विवेकपूर्ण निष्कर्षों को सर्वोत्तम रूप से दर्शाते हैं, जिन्हें इस परिच्छेद से प्रतिपादित किया जा सकता है?

(1) खाद्यान्न की हानि और बर्बादी के लिए खाद्यान्न वितरण की चालू पद्धतियाँ पूर्ण रूप से उत्तरदायी हैं।

(2) खाद्यान्न की हानि और बर्बादी की प्रचलित प्रवृत्ति से भूमि की उत्पादकता प्रतिकूल रूप से प्रभावित होती है।

Q2. परिच्छेद-1

खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार, मानव उपभोग के ति उत्पादित खाद्यान्न के एक-तिहाई की विश्वव्यापी हानि या बब होती है। आरंभिक कृषि उत्पादन से लेकर अंतिम घरेलू उपभ तक की संपूर्ण आपूर्ति शृंखला के दौरान खाद्यान्न की हानि बर्बादी होती है। इस बढ़ती बर्बादी के परिणामस्वरूप लगः 45% तक भूमि-निम्नीकरण (लैंड डिग्रेडेशन) भी हुआ है, जिस मुख्य कारण निर्वनीकरण, असंधारणीय कृषि पद्धतियाँ अ अत्यधिक भूजल निष्कर्षण हैं। बरबाद हुए खाद्यान्न पर व्यय गई ऊर्जा के परिणामस्वरूप प्रतिवर्ष लगभग 3.5 बिलियन र कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है। क्षय के परिणामस्वर वायुमंडल में अन्य गैसों का हानिकारक उत्सर्जन भी होता i खाद्यान्न पर्याप्तता और खाद्यान्न संधारणीयता के चक्र को पूरा क के लिए खाद्यान्न की सभी रूपों में हानि या बर्बादी का समाध करना महत्त्वपूर्ण है।

खाद्यान्न की हानि और बर्बादी में कमी के परिणामस्वरूप कार्बन फुटप्रिंट में कमी आती है। उपर्युक्त परिच्छेद के आधार पर, निम्नलिखित पूर्वधारणाएँ बनाई गई हैं:

(3) खाद्यान्न की हानि और बर्बादी में कमी के परिणामस्वरूप कार्बन फुटप्रिंट में कमी आती है।

(4) खाद्यान्न की हानि और बर्बादी को रोकने या कम करने के लिए कटाई-उपरांत (पोस्ट-हार्वेस्ट) प्रौद्योगिकियाँ उपलब्ध नहीं हैं।

(1) खाद्यान्न की हानि और बर्बादी को कम करने के लिए खाद्यान्न वितरण तंत्र की पुनः परिकल्पना करने और इसे प्रभावी बनाए जाने की आवश्यकता है।

(2) खाद्यान्न की बर्बादी और हानि में कमी लाने को सुनिश्चित करना सभी नागरिकों का एक सामाजिक और नैतिक उत्तरदायित्व है।

Q3. परिच्छेद-1

खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार, मानव उपभोग के ति उत्पादित खाद्यान्न के एक-तिहाई की विश्वव्यापी हानि या बब होती है। आरंभिक कृषि उत्पादन से लेकर अंतिम घरेलू उपभ तक की संपूर्ण आपूर्ति शृंखला के दौरान खाद्यान्न की हानि बर्बादी होती है। इस बढ़ती बर्बादी के परिणामस्वरूप लगः 45% तक भूमि-निम्नीकरण (लैंड डिग्रेडेशन) भी हुआ है, जिस मुख्य कारण निर्वनीकरण, असंधारणीय कृषि पद्धतियाँ अ अत्यधिक भूजल निष्कर्षण हैं। बरबाद हुए खाद्यान्न पर व्यय गई ऊर्जा के परिणामस्वरूप प्रतिवर्ष लगभग 3.5 बिलियन र कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है। क्षय के परिणामस्वर वायुमंडल में अन्य गैसों का हानिकारक उत्सर्जन भी होता i खाद्यान्न पर्याप्तता और खाद्यान्न संधारणीयता के चक्र को पूरा क के लिए खाद्यान्न की सभी रूपों में हानि या बर्बादी का समाध करना महत्त्वपूर्ण है।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

Q5. परिच्छेद-1

खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार, मानव उपभोग के ति उत्पादित खाद्यान्न के एक-तिहाई की विश्वव्यापी हानि या बब होती है। आरंभिक कृषि उत्पादन से लेकर अंतिम घरेलू उपभ तक की संपूर्ण आपूर्ति शृंखला के दौरान खाद्यान्न की हानि बर्बादी होती है। इस बढ़ती बर्बादी के परिणामस्वरूप लगः 45% तक भूमि-निम्नीकरण (लैंड डिग्रेडेशन) भी हुआ है, जिस मुख्य कारण निर्वनीकरण, असंधारणीय कृषि पद्धतियाँ अ अत्यधिक भूजल निष्कर्षण हैं। बरबाद हुए खाद्यान्न पर व्यय गई ऊर्जा के परिणामस्वरूप प्रतिवर्ष लगभग 3.5 बिलियन र कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होता है। क्षय के परिणामस्वर वायुमंडल में अन्य गैसों का हानिकारक उत्सर्जन भी होता i खाद्यान्न पर्याप्तता और खाद्यान्न संधारणीयता के चक्र को पूरा क के लिए खाद्यान्न की सभी रूपों में हानि या बर्बादी का समाध करना महत्त्वपूर्ण है।

उपर्युक्त पूर्वधारणाओं में से कौन-सी मान्य है/हैं?

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Frequently asked questions

What is the name of the exam?

The exam is the Civil Services (Preliminary) Examination.

What is the year of this question paper?

This question paper is from the year 2024.

Which paper is this?

This is the General Studies Paper - II.

Who conducts the Civil Services Examination?

The Union Public Service Commission (UPSC) conducts the Civil Services Examination.

What is the maximum marks for General Studies Paper - II?

The maximum marks for General Studies Paper - II is 200.

What is the time duration for the exam?

The time allowed for the exam is two hours.

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