Q1.
(a)
1. हिन्दी के विकास में अपभ्रंश का योगदान 10
1. अमीर ख़ुसरो की काव्य-भाषा का महत्त्व
1.
(b)
रहीम की कविता की प्रासंगिकता
1.
(c)
सिद्ध-नाथ साहित्य में प्रयुक्त खड़ी बोली का स्वरूप 10
1.
(d)
स्वातंत्र्योत्तर भारत में हिंदी के विकास में आने वाली चुनौतियाँ
1.
(e)
पश्चिमी हिंदी की प्रमुख बोलियों का संक्षिप्त परिचय दीजिए ।
Q2.
(a)
2. दक्खिनी हिन्दी की प्रमुख विशेषताओं का निरूपण कीजिए। 15
2.
(b)
अवधी की व्याकरणिक विशेषताओं का निरूपण कीजिए। 15
2.
(c)
हिन्दी में पारिभाषिक शब्दावली के निर्माण की वर्तमान दशा पर प्रकाश डालिए।
Q3.
(a)
3. पहाड़ी हिन्दी की प्रमुख बोलियों का संक्षिप्त परिचय दीजिए। 15
3.
(b)
अवहट्ठ का सामान्य परिचय दीजिए। 15
3.
(c)
देवनागरी लिपि के महत्त्व का आकलन कीजिए।
Q4.
(a)
4. ‘आधुनिक काल में काव्य-भाषा के रूप में खड़ी वोली का विकास ब्रज के स्थान पर क्यों हुआ’ –
4.
(b)
इस कथन की तर्कपूर्ण व्याख्या कीजिए । 15
तकनीक की भाषा के रूप में हिन्दी के सामने आने वाली चुनौतियों का वर्णन कीजिए। 15
4.
(c)
SECTION 'B' खण्ड 'B' निम्नलिखित प्रत्येक पर लगभग 150 शब्दों में टिप्पणियाँ लिखिए:
Q5.
(a)
5. 10× 5 = 50 रामचन्द्र शुक्ल द्वारा किया गया हिन्दी साहित्य का काल-विभाजन
5. 10 कबीर की काव्य-भाषा 10
5.
(b)
सूरदास का विरह-वर्णन 10
5.
(c)
हिन्दी की प्रगतिवादी समीक्षा 10
5.
(d)
हजारी प्रसाद द्विवेदी का हिंदी आलोचना में योगदान 10
5.
(e)
‘बिहारी शृंगार रस के सर्वश्रेष्ठ कवि हैं’ – इस कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए ।
Q6.
(a)
6. हिंदी उपन्यास के विकास में प्रेमचंद के योगदान का आकलन कीजिए。
6.
(b)
भारतेंद् हरिश्चंद्र के नाटकों में चित्रित राष्ट्रीय-चेतना को स्पष्ट कीजिए ।
6.
(c)
‘अज्ञेय’ के काव्य की प्रमुख विशेषताओं का निरूपण कीजिए ।
Q7.
(a)
7. 20 मंचन की दृष्टि से जयशंकर ‘प्रसाद’ के नाटकों का मूल्यांकन कीजिए。
7.
(b)
महादेवी वर्मा के संस्मरणों के महत्त्व का आकलन कीजिए。
7.
(c)
“नागार्जुन जनवादी कवि हैं” – इस कथन की तर्कसंगत व्याख्या कीजिए ।
Q8.
(a)
8. कृष्णा सोबती के उपन्यासों में चित्रित नारी-चेतना पर संक्षिप्त प्रकाश डालिए ।
8.
(b)
जगदीशचन्द्र माथुर की नाट्य-कला का संक्षिप्त विवेचन कीजिए।
8.
(c)
CRNA-F-HND \overline2