Q1.
(क) असैनिक सेवाओं में और असैनिक पदों के लिए भर्ती की रीतियों से सम्बद्ध समस्त विषयों पर;
(ख) असैनिक सेवाओं और पदों पर नियुक्ति करने के तथा एक सेवा से दूसरी सेवा में पदोन्नति और स्थानान्तरण करने के तथा अभ्यर्थियों की ऐसी नियुक्ति, पदोन्नति अथवा स्थानान्तरण की उपयुक्तता के बारे में अनुसरण किये जाने वाले सिद्धान्तों पर,
(ग) ऐसे व्यक्ति पर, जो राज्य सरकार के अधीन असैनिक हैसियत से सेवा कर रहा है, प्रभाव डालने वाले अनुशासन विषयों से जो अभ्यावेदन या याचिकाएँ सम्बद्ध हैं, उनके सहित समस्त अनुशासনিক विषयों पर:
(घ) ऐसे व्यक्ति द्वारा कृत, जो राज्य सरकार के अधीन असैनिक हैसियत से सेवा कर रहा है या कर चुका है, अथवा वैसे व्यक्ति के सम्बन्ध में कृत, या कर्तुमभिप्रेत, कार्यों के सम्बन्ध में उसके विरूद्ध चलाई गई किन्हीं विधि-कार्यवाहियों में जो व्यय उसे अपनी प्रतिरक्षा में करना पड़ा है, वह यथा स्थिति राज्य की संचित निधि में से दिया जाना चाहिये, उस दावे पर;
(ङ) राज्य सरकार के अधीन असैनिक हैसियत से सेवा करते समय किसी व्यक्ति को हुई क्षति के बारे में निवृत्ति वेतन दिये जाने के लिए दावे पर तथा ऐसी ही दी जाने वाली राशि क्या हो, इस प्रश्न पर;
(च)
अन्य कोई मामला, जो शासन द्वारा संदर्भित किया जावे।
सिविल सेवाओं एवं पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया एवं नियुक्ति दिये जाने के सिद्धान्तों को अपनाए जाने हेतु या इस प्रकार के पदों पर नियुक्ति प्रदान करने या ऐसी नियुक्तियों में अभ्यर्थियों की उपयुक्तता के मामले में आयोग से परामर्श करना आवश्यक नहीं है। जब तक सेवा में किसी भी पद की भर्ती के लिये सम्बन्धित सेवा नियमों में प्रावधान निहित है तब ही उस पद पर नियुक्ति प्रदान की जा सकेगी-
(1) मंत्रालयिक सेवा में या
(2) राजस्थान लोक सेवा आयोग (कृत्यों का परिसीमन) विनियम, 1951 के अनुसार अधीनस्थ सेवा या राज्य सेवा में चाहे तकनीकी या गैर-तकनीकी जिसके प्रारंभिक वेतन के रूप में ग्रेड वेतन 3600 / - रूपये प्रतिमाह या उससे कम है।