Q1.
निर्देश- प्रश्न संख्या 1 से 3 तक के उत्तर निम्नांकित गद्यांश के आधार पर दीजिए-
अपठित गद्यांश– काफी लम्बे इतिहास के अन्दर, भूगोल ने भारत को जो रूप दिया, उससे वह एक ऐसा देश बन गया, जिसके दरवाज़े बाहर की ओर से बन्द थे। समुद्र और महाशैल हिमालय से धिरा होने के कारण, बाहर से किसी का इस देश में आना आसान नहीं था। कई महस्राब्दियों के भीतर, बाहर से लोगों के बड़े-बड़े झूंड भारत में आए, किंतु आयों के आगमन के बाद से कृभी ऐसा नहीं हुआ, जब बाहरी लोग बहुत बड़ी संख्या में भारत आए हो। ठीक इसके विपरीत रिशिया और भूरोप के श्रीर-पार-मनुष्यों के अपार आगमन और निष्क्रमण होते रहे, एक जाति दूसरी जाति को खदेड़कर वहाँ खुद बसती रही और इस प्रकार जनसंख्या की बुनावट में बहुत बड़ा परिवर्तन होता रहा। भारत में, आर्यों के आगमन के बाद, बाहरी लोगों के जो आगमन हुए उनके दायरे बहुत हो सीमित थे। उनका कुछ न कुछ प्रभाव तो पड़ा, किन्तु उससे यहाँ की बुनियादी जनसंख्या के स्वरूप में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं आया। भारत की जनसंख्या के स्वरूप में लम्बे इतिहास में बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं आया। इसका एक बड़ा कारण
- ((1)) भौगोलिक कारणों से बड़ी संख्या में भारत
- ((1)) कई सहस्राब्दियों के भीतर बाहर से लोगों के अनेक झूण्ड भारत में आए।
- ((2)) आया।
- ((2)) भारत की परिसीमा लोगों को यहाँ आने के लिए आमंत्रित करती है।
- ((3)) एक जाति दूसरी जाति को खदेड़कर यहाँ
- ((3)) जातियों के आपसी संघर्ष जनसंख्या के स्वरूप को प्रभावित करते हैं।
- ((4)) भारत के संदर्भ में इसकी भौगोलिक सीमाएँ इसकी रक्षक सिद्ध हुई हैं।
- (1) है– आर्यों के बाद भारत में बाहर से कोई नहीं