Q1.
(1.9) छंद में यति और गति से क्या अभिप्राय है?
(1.10)
अखिल भुवन चर-अचर जग हरिमुख में लखि मातु।
चकित भयो, गद्गद् वचन, विकसित दृग, पुलकातु।।
इन पंक्तियों में कौन-सा रस है और उसका स्थायी भाव क्या है?
(1.11) विभाव से क्या आशय है? इसके भेदों के नाम लिखिए।
(1.12) अनुवाद की कोई तीन विशेषताएँ लिखिए।
(1.13) शब्द-युग्म किसे कहते हैं? अनल-अनिल तथा कृपण-कृपाण शब्द युग्मों के अर्थ लिखिए।
(1.14) 'ताँत बजी और राग बूझा' इस कहावत का अर्थ लिखिए और वाक्य में प्रयोग कीजिए।
(1.15) अल्पविराम और अर्द्धविराम को उदाहरण देकर समझाइये।
(1.16) लक्षणा शब्द शक्ति को स्पष्ट करते हुए उसके प्रकार लिखिए।
(1.17) विलोम शब्द और पर्यायवाची शब्द में अंतर बताइए।
(1.18) तत्सम शब्द को परिभाषित कीजिए। 'खीर' एवं 'हल्दी' शब्दों के तत्सम रूप लिखिए।
(1.19) अनेकार्थी शब्द किसे कहते हैं? ‘खर’ और ‘अतिथि’ शब्दों के अनेकार्थक लिखिए।
(1.20) मुहावरे और कहावतों के अर्थ स्पष्ट कीजिए।
(1.21) मिश्र वाक्य और संयुक्त वाक्य को उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।
(1.22) छिपे हुए अर्थ का बोध कराने वाली शब्द शक्ति का नाम लिखिए एवं उसे परिभाषित कीजिए।
(1.23) करण और उपादान कारक के चिह्न ‘से’ का प्रयोग करके दो वाक्यों की रचना कीजिए।
(1.24)
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखकर वाक्य बनाइये –
अज्ञ, अनभिज्ञ।
(1.25)
निम्नलिखित वाक्यों के लिए एक-एक उपयुक्त शब्द लिखिए –
(अ) जिसका अनुभव इन्द्रियों द्वारा न हो सकता हो।
(ब) जिसको रोकना या निवारण करना कठिन हो।