Section B
Q5. निम्नलिखित सवालों में से कोनो पाँच ठो सवाल कर जबाब संक्षेप में लिखु।
(क) नागपुरी कवि ‘कंचन’ कर संक्षेप में परिचय देते उनकर एकठो किरिति लिखु।
(ख) धनी राम बक्सी कर कोनो एक ठो गीत कर आसय लिखु।
(ग) सहनी उपेन्द्र पाल ‘नहन’ कर जीवन परिचय देते उनकर कोनवे एक ठो किरिति लिखु।
(घ) प्रमोद कुमार रॉय इया मुकुन्द नायक कर कोनो एक ठो गीत कर भाव कर चरचा करु।
(ङ) नागपुरी लोक वाद्य कर बिसिस्टता उपरे चरचा करु।
(च) परकिरिति परब ‘सरहल’ उपरे संक्षेप में लिखु।
(छ)
हेंठे देल गद्यांस कर नागपुरी में अनुवाद करु :
झारखंड के आदिवासी-सदान की समन्वित संस्कृति का सबसे ताजा उदाहरण है करम तथा सरहुल की पूजा। करम में करम पेड़ की डाली की पूजा एवं करम-धरम की महता को स्वीकार करने की पूजा है तो साखू के फूल पत्तों की पूजा सरहुल में समाज की सुख-समृद्धि के लिए पूजा है। हर आदिवासी-सदान व अन्य के घरों में भी सखुआ फूल खोंसे जाते हैं। यह इनकी समरता एवं समन्वित सांस्कृतिक विरासत का द्योतक है। अतिथि के पाँव आदिवासी-सदानों में कांसे के थाल पर धोने तथा उस प्रक्षालित जल को छप्पर पर फेंकने की संस्कृति है, बाहर दूसरी जगह नहीं। ताकि घर के पूरे परिवार पर अतिथि का आशीर्वाद लगें।